दिन 9 (मई)
दिन 9 (मई): दूसरों के सुख में प्रसन्नता(Goodwill and Sympathetic Joy – Muditā) भारतीय दर्शन से विचार: “दूसरों की सफलता
दिन 9 (मई): दूसरों के सुख में प्रसन्नता(Goodwill and Sympathetic Joy – Muditā) भारतीय दर्शन से विचार: “दूसरों की सफलता
दिन 8 (मई): आलोचना से सीखना और स्वयं की रक्षा(Learning from Criticism and Self-Protection) भारतीय दर्शन से विचार: “निन्दक नियरे
दिन 7 (मई): सक्रिय श्रवण और मौन का मूल्य(Active Listening and the Value of Silence) भारतीय दर्शन से विचार: “श्रोता
दिन 6 (मई): देना और ग्रहण करना(The Practice of Giving and Receiving) भारतीय दर्शन से विचार: “दातव्यमिति यद्दानं दीयतेऽनुपकारिणे। देशे
दिन 5 (मई): सत्संगति का महत्व (The Importance of Good Company) भारतीय दर्शन से विचार: “सत्संगतिः कथय किं न करोति
दिन 4 (मई): ईमानदारी और विश्वसनीयता (Honesty and Trustworthiness) भारतीय दर्शन से विचार: “सत्येन धार्यते पृथ्वी।” – महाभारत व्याख्या: “यह
दिन 3 (मई): दूसरे के स्थान पर स्वयं को रखना (Empathy and Perspective) भारतीय दर्शन से विचार: “आत्मवत् सर्वभूतेषु यः
दिन 2 (मई): क्रोध का प्रबंधन और क्षमा (Managing Anger and Forgiveness) भारतीय दर्शन से विचार: “क्रोधाद्भवति सम्मोहः सम्मोहात्स्मृतिविभ्रमः।” –
दिन 1 (मई): कर्तव्य का विस्तार: स्वयं से समाज तक भारतीय दर्शन से विचार: “अहिंसा परमो धर्मः।” – महाभारत/मनुस्मृति व्याख्या:
दिन 30 (अप्रैल): आंतरिक शांति: सबसे बड़ा पुरस्कार भारतीय दर्शन से विचार: “समत्वं योग उच्यते (Samatvaṁ Yoga Ucyate): समता (समरूपता