दिन 31 (अगस्त)
दिन 31 (अगस्त) : सद्गुणों के एकीकृत जीवन का बल(The Strength of the Integrated Life of Virtue) भारतीय दर्शन से […]
दिन 31 (अगस्त) : सद्गुणों के एकीकृत जीवन का बल(The Strength of the Integrated Life of Virtue) भारतीय दर्शन से […]
दिन 30 (अगस्त) : हर वस्तु की अनित्यता (अस्थायी स्वभाव) को स्वीकारना(Accepting the Impermanent Nature of Everything) भारतीय दर्शन से
दिन 29 (अगस्त) : ज्ञान और व्यावहारिक विवेक का बल(The Strength of Knowledge and Practical Wisdom) भारतीय दर्शन से विचार:
दिन 28 (अगस्त) : विपत्ति का मानसिक पूर्वाभ्यास(Mental Premeditation of Adversity) भारतीय दर्शन से विचार: “जो बुद्धिमान है, वह भविष्य
दिन 27 (अगस्त) : बृहत्तर कल्याण और समाज के प्रति कर्तव्य(The Greater Good and Duty to the Community) भारतीय दर्शन
दिन 26 (अगस्त) : स्वैच्छिक सादगी और विपत्ति का पूर्वाभ्यास(Voluntary Simplicity and Premeditation of Adversity) भारतीय दर्शन से विचार: “अपनी
दिन 25 (अगस्त) : भावनात्मक आवेगों पर विवेक का बल(The Strength of Viveka over Emotional Impulses) भारतीय दर्शन से विचार:
दिन 24 (अगस्त) : सरल, सद्गुणी आदतों का बल(The Strength of Simple, Virtuous Habits) भारतीय दर्शन से विचार: “महान शक्ति
दिन 23 (अगस्त) : नियमित आत्म-परीक्षण का बल(The Strength of Regular Self-Examination) भारतीय दर्शन से विचार: “प्रतिदिन शाम को स्वयं
दिन 22 (अगस्त) : ब्रह्मांडीय प्रवाह (प्रकृति) को स्वीकारने का बल(The Strength of Accepting the Cosmic Flow (Prakṛti)) भारतीय दर्शन