दिन 30 (जून)
दिन 30 (जून): स्थिर विवेक और परम कल्याण(Steadfast Wisdom and Supreme Flourishing) भारतीय दर्शन से विचार: “दुःखेष्वनुद्विग्नमनाः सुखेषु विगतस्पृहः। वीतरागभयक्रोधः […]
दिन 30 (जून): स्थिर विवेक और परम कल्याण(Steadfast Wisdom and Supreme Flourishing) भारतीय दर्शन से विचार: “दुःखेष्वनुद्विग्नमनाः सुखेषु विगतस्पृहः। वीतरागभयक्रोधः […]
दिन 29 (जून): दुर्भाग्य का पूर्वानुमान और मानसिक तैयारी(Anticipating Misfortune and Mental Preparation) भारतीय दर्शन से विचार: “हेयं दुःखमनागतम्।” –
दिन 28 (जून): आत्म-करुणा और धैर्यपूर्ण सुधार(Self-Compassion and Patient Correction) भारतीय दर्शन से विचार: “दयालुता पहले स्वयं से शुरू होती
दिन 27 (जून): क्षमा का बल और प्रतिशोध से मुक्ति(The Power of Forgiveness and Freedom from Retaliation) भारतीय दर्शन से
दिन 26 (जून): करुणा और निःस्वार्थ सेवा(Compassion and Selfless Service) भारतीय दर्शन से विचार: “सर्वभूतहिते रताः।” – श्रीमद्भगवद्गीता (12.4) व्याख्या:
दिन 25 (जून): पवित्रता, ईमानदारी और आंतरिक स्वच्छता(Purity, Integrity, and Inner Cleanliness) भारतीय दर्शन से विचार: “शौच दो प्रकार का
दिन 24 (जून): प्रगति पर ध्यान केंद्रित करना और स्वयं का धर्म निभाना(Focusing on Progress and Fulfilling One’s Own Dharma)
दिन 23 (जून): जीवन की क्षणभंगुरता और मृत्यु की तैयारी(The Fragility of Life and Preparation for Death) भारतीय दर्शन से
दिन 22 (जून): ब्रह्मांडीय परिप्रेक्ष्य और अपने आप को छोटा देखना(Cosmic Perspective and Seeing Oneself as Small) भारतीय दर्शन से
दिन 21 (जून): फल से वैराग्य और भावनात्मक स्वतंत्रता(Detachment from Fruit and Emotional Freedom) भारतीय दर्शन से विचार: “परिणामों से