दिन 23 (अप्रैल)
दिन 23 (अप्रैल): मृत्यु का स्मरण: क्षण की महत्ता जानना भारतीय दर्शन से विचार: “मृत्युर्वा वै (Mṛtyurvai Vai): मृत्यु निश्चित […]
दिन 23 (अप्रैल): मृत्यु का स्मरण: क्षण की महत्ता जानना भारतीय दर्शन से विचार: “मृत्युर्वा वै (Mṛtyurvai Vai): मृत्यु निश्चित […]
दिन 22 (अप्रैल): पीड़ा का उपयोग: संघर्ष ही चरित्र का आधार है भारतीय दर्शन से विचार: “दुःखं एवं सर्वं विवेकितः
दिन 21 (अप्रैल): प्रकृति का अनुपालन: अनियंत्रित को स्वीकारना भारतीय दर्शन से विचार: “यथा देहे तथा ब्रह्माण्डे (Yathā Dehe Tathā
दिन 20 (अप्रैल): सेवा में शक्ति: दूसरों के लिए जीना ही मानव धर्म है भारतीय दर्शन से विचार: “परहित सरिस
दिन 19 (अप्रैल): विनम्रता का दर्शन: बड़े उद्देश्य का एक छोटा सा हिस्सा भारतीय दर्शन से विचार: “अहंकार त्याग (Ahaṁkāra
दिन 18 (अप्रैल): भीतरी मार्गदर्शक: विवेक की आवाज़ पर भरोसा भारतीय दर्शन से विचार: “बुद्धिं तु सारथिं विद्धि (Buddhiṁ Tu
दिन 17 (अप्रैल): आत्म-जांच का अभ्यास: हर रात स्वयं का विश्लेषण भारतीय दर्शन से विचार: “आत्म परीक्षणम् (Ātma Parīkṣaṇam): रात
दिन 16 (अप्रैल): मौन की शक्ति: कम बोलो, अधिक ध्यान केंद्रित करो भारतीय दर्शन से विचार: “वाक् संयम (Vāk Saṁyama)
दिन 15 (अप्रैल): अतीत की स्वतंत्रता: आज ही नया आरंभ है भारतीय दर्शन से विचार: “कृतं कर्म न नश्यति (Kṛtaṁ
दिन 14 (अप्रैल): वास्तविक मूल्य: वस्तु को उसके नाम से पुकारना भारतीय दर्शन से विचार: “यथाभूतं प्रजानाति (Yathābhūtaṁ Prajānāti): वस्तुओं