दिन 21 (मई)
दिन 21 (मई): अहंकार से मुक्ति और विनम्रता(Freedom from Arrogance and Humility) भारतीय दर्शन से विचार: “अमानित्वमदम्भित्वम्।” – श्रीमद्भगवद्गीता (13.7) […]
दिन 21 (मई): अहंकार से मुक्ति और विनम्रता(Freedom from Arrogance and Humility) भारतीय दर्शन से विचार: “अमानित्वमदम्भित्वम्।” – श्रीमद्भगवद्गीता (13.7) […]
दिन 20 (मई): गलती स्वीकार करना और प्रायश्चित्त(Admitting Fault and Making Amends) भारतीय दर्शन से विचार: “विनयात् याति पात्रताम्।” –
दिन 19 (मई): मानवीय कमजोरियों के प्रति करुणा(Compassion for Human Frailty) भारतीय दर्शन से विचार: “करुणा हि परमो धर्मः।” –
दिन 18 (मई): सीमाएँ निर्धारित करना और ‘नहीं’ कहना(Setting Boundaries and Saying ‘No’) भारतीय दर्शन से विचार: “अति सर्वत्र वर्जयेत्।”
दिन 17 (मई): संबंधों में कृतज्ञता(Gratitude in Relationships) भारतीय दर्शन से विचार: “अकृतज्ञस्य नोपदेशं दद्यात्।” – प्राचीन सूक्ति व्याख्या: “कृतघ्न
दिन 16 (मई): न्याय और निष्पक्षता की कसौटी(The Test of Justice and Fairness) भारतीय दर्शन से विचार: “यतो धर्मस्ततो जयः।”
दिन 15 (मई): संबंधों की नश्वरता को पहचानना(Recognizing the Impermanence of Relationships) भारतीय दर्शन से विचार: “मात्रास्पर्शास्तु कौन्तेय शीतोष्णसुखदुःखदाः। आगमापायिनोऽनित्यास्तांस्तितिक्षस्व
दिन 14 (मई): कठिन लोगों के साथ व्यवहार(Dealing with Difficult People) भारतीय दर्शन से विचार: “अपवित्र (अपुण्य) विषयों के प्रति
दिन 13 (मई): शांत मन: अच्छे संबंध की शर्त(A Calm Mind: The Prerequisite for Good Relationships) भारतीय दर्शन से विचार:
दिन 12 (मई): विश्व कल्याण के लिए कर्म(Action for World Welfare – Loka-saṅgraha) भारतीय दर्शन से विचार: “लोकसंग्रहमेवापि सम्पश्यन् कर्तुमर्हसि।”