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अप्रैल माह, आज का प्रेरक विचार

दिन 5 (अप्रैल)

दिन 5 (अप्रैल): आंतरिक दुर्दम्यता: आत्म-सम्मान को अटूट बनाना भारतीय दर्शन से विचार (आपके निर्देशानुसार अद्यतन): “नैपुण्यं योग उच्यते। लचीलापन

Ved Vaani

Ved-Vaani – ऋग्वेद || ४-४-२ ||

Ved-Vaani – ऋग्वेद || ४-४-२ || यं देवासस्त्रिरहन्नायजन्ते दिवे दिवे वरुणो मित्रो अग्नि:!सेमं यज्ञं मधुमन्तं कृधी नस्तनूनपाद् घृतयोनिं विधयन्तम्! हम

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