दिन 13 (अप्रैल)
दिन 13 (अप्रैल): अज्ञान पर दया: अविवेकी कार्यों पर क्रोध न करना भारतीय दर्शन से विचार: “अविद्या (Avidyā) ही समस्त […]
दिन 13 (अप्रैल): अज्ञान पर दया: अविवेकी कार्यों पर क्रोध न करना भारतीय दर्शन से विचार: “अविद्या (Avidyā) ही समस्त […]
दिन 12 (अप्रैल): विफलता एक सीख है: हार को प्रगति मानना भारतीय दर्शन से विचार: “असफलता से ज्ञान (Jñāna) प्राप्त
दिन 11 (अप्रैल): शांति ही परम धन: अपनी स्थिरता को बेचना नहीं भारतीय दर्शन से विचार: “शान्तिरेव परमं सुखम् (Śāntireva
दिन 10 (अप्रैल): केवल आज का कर्तव्य: वर्तमान के बोझ को ही उठाना भारतीय दर्शन से विचार: “नियतं कुरु कर्म
दिन 9 (अप्रैल): एकांत की शक्ति: स्वयं के साथ शांत रहना भारतीय दर्शन से विचार: “एकान्ते सुखम् (Ekānte Sukham): एकांत
दिन 8 (अप्रैल): अनित्यता का बोध: न सुख स्थायी है, न दुःख भारतीय दर्शन से विचार: “सर्वं क्षणम् क्षणम् (Sarvam
दिन 7 (अप्रैल): कठोरता का अभ्यास: जानबूझकर आराम को नकारना भारतीय दर्शन से विचार: “तपसा क्षीयन्ते पापा:। तप (Tapas) से
दिन 6 (अप्रैल): तुरंत कार्रवाई: आलस्य ही चरित्र का क्षय है भारतीय दर्शन से विचार: “प्रमाद (Pramāda) यानी आलस्य और
दिन 5 (अप्रैल): आंतरिक दुर्दम्यता: आत्म-सम्मान को अटूट बनाना भारतीय दर्शन से विचार (आपके निर्देशानुसार अद्यतन): “नैपुण्यं योग उच्यते। लचीलापन
दिन 4 (अप्रैल): अभ्यास ही जीवन है: कठिनाई को एक अवसर मानना भारतीय दर्शन से विचार: “नैपुण्यं योग उच्यते –