दिन 29 (मई)
दिन 29 (मई): दैनिक जीवन में मैत्री और दयालुता(Friendliness and Kindness in Daily Life) भारतीय दर्शन से विचार: “सभी जीवों
दिन 29 (मई): दैनिक जीवन में मैत्री और दयालुता(Friendliness and Kindness in Daily Life) भारतीय दर्शन से विचार: “सभी जीवों
दिन 28 (मई): धैर्य और सहिष्णुता(Patience and Endurance – Titikshā) भारतीय दर्शन से विचार: “ताँस्तितिक्षस्व भारत।” – श्रीमद्भगवद्गीता (2.14) व्याख्या:
दिन 27 (मई): सामुदायिक प्रयासों में आशावाद और धैर्य(Optimism and Perseverance in Community Efforts) भारतीय दर्शन से विचार: “उत्साहो बलवानार्यं
दिन 26 (मई): परनिंदा से बचना और वाणी का संयम(Avoiding Slander and Disciplining Speech) भारतीय दर्शन से विचार: “हितं मितं
दिन 25 (मई): मित्र को सुधारना और सलाह देना(Correcting and Advising a Friend) भारतीय दर्शन से विचार: “हितोपदेशो हि नाम
दिन 24 (मई): बातचीत में पूर्ण उपस्थिति(Presence in Interaction) भारतीय दर्शन से विचार: “योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः।” – योगसूत्र (1.2) व्याख्या: “योग मन
दिन 23 (मई): दूसरों की राय से अनासक्ति(Detachment from the Opinions of Others) भारतीय दर्शन से विचार: “तुल्यनिन्दास्तुतिर्मौनी सन्तुष्टो येन
दिन 22 (मई): उदाहरण द्वारा नेतृत्व(Leading by Example) भारतीय दर्शन से विचार: “यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः। स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते॥” –
दिन 21 (मई): अहंकार से मुक्ति और विनम्रता(Freedom from Arrogance and Humility) भारतीय दर्शन से विचार: “अमानित्वमदम्भित्वम्।” – श्रीमद्भगवद्गीता (13.7)
दिन 20 (मई): गलती स्वीकार करना और प्रायश्चित्त(Admitting Fault and Making Amends) भारतीय दर्शन से विचार: “विनयात् याति पात्रताम्।” –